Skip to main content

डा. ज्योतिषाचार्य आचार्य देव से जाने कब शुरू होगा सावन ? एवं कब है सावन शिवरात्रि ?

डा. ज्योतिषाचार्य आचार्य देव से जाने कब शुरू होगा सावन ? एवं कब है सावन शिवरात्रि ?

लखनऊ: वामा एप के फाउंडर डा. ज्योतिषाचार्य आचार्य देव ने बताया सावन भगवान शिव का अत्यंत प्रिय महीना है। मान्यताओं के अनुसार इस पवित्र माह में भोले बाबा भक्तों पर अपनी कृपा की वर्षा करते हैं। इस बार का श्रावण माह कई मायनो में ख़ास है क्योंकि सावन की शुरुआत 

 सोमवार से हो रही है और अंत भी सोमवार से हो रहा है साथ ही इस सोमवार को एक ख़ास योग प्रीति आयुष्मान योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। इसको लेकर पौराणिक मान्यता है कि जो भी इस योग में पूजा पाठ करता है उस पर भोलेनाथ की विशेष कृपा होती है। और अंत में तीसरी खास बात कि सावन के आखिरी सोमवार के दिन ही रक्षाबंधन भी पड़ रहा है इस दिन वैदिक लोग श्रावणी कर्म भी करते हैं।

डा. ज्योतिषाचार्य आचार्य देव ने बताया इस साल सावन का पावन महीना 22 जुलाई 2024 से शुरू होकर 19 अगस्त तक चलेगा। हिन्दू पञ्चांग के अनुसार इस बार श्रावण मास की शुरुआत सूर्य उदय व्यापिनी प्रतिपदा सोमवार से हो रही है। भक्तों की मनोकामना पूरी करने वाला ये महीना इस बार बहुत से शुभ योग लेकर आ रहा है।

  • सावन में सोमवार कब कब है?

सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई, दूसरा सोमवार 29 जुलाई, तीसरा सोमवार 5 अगस्त, चौथा सोमवार 12 अगस्त और अंतिम सोमवार 19 अगस्त को पड़ेगा 

  • कब है सावन शिवरात्रि ?

डा. ज्योतिषाचार्य आचार्य देव ने बताया सावन के महीने में शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इस बार सावन मास की शिवरात्रि 2 अगस्त शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन त्रयोदशी दोपहर 3 बज कर 26 मिनट तक है। इसके बाद चतुर्दशी शुरू होगी और रात्रि के निशि काल में शिव जी की पूजा की जाएगी।

वामा एप के फाउंडर डा. ज्योतिषाचार्य आचार्य देव ने बताया कि इस बार चार मंगला गौरी व्रत पढ़ रहे हैं यह व्रत मंगलवार को रखा जाता है पहला मंगला गौरी व्रत 23 जुलाई को दूसरा 30 जुलाई को तीसरा 6 अगस्त को जबकि अंतिम 13 अगस्त को होगा।

  • शिव की पूजा में क्या करें

डा. ज्योतिषाचार्य आचार्य देव ने बताया शिव की पूजा करने वाला शून्य की पूजा करना होता है। क्योंकि भगवान शिव को शून्य का प्रतीक माना गया है। जो व्यक्ति भगवान शिव को बेलपत्र, बेलपत्र के फल, भांग, धतूरा, केवड़ा, गंगाजल, दूध, फलों का रस इत्यादि वस्तुएं श्रद्धा भाव से अर्पित करता है उससे भगवन भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं।

  • शिव की पूजा में क्या ना करें

डा. ज्योतिषाचार्य आचार्य देव ने बताया भगवान शिव की पूजा में शिव के सामने किसी भी तरह की कामना नहीं करनी चाहिए। भगवान शिव सृष्टि के स्वामी हैं, संघार करने वाले हैं, उनसे सृष्टि के विषय विकारों की कामना करना उचित नहीं है। इसीलिए शिव की आराधना में केवल शून्य का ध्यान करते हुए स्वयं के मन की शांति की प्रार्थना करनी चाहिए।

भगवान शिव जी को हल्दी, कुमकुम, तुलसी के पत्ते, नारियल, लाल फूल, गलती से भी ना चढ़ाएं।

ध्यान रहे कि शिव की पूजा में शिव जी का अभिषेक शंख से ना करें। आरती के बाद शंख ना बजाएं।

Comments

Popular posts from this blog

आत्मा अजर अमर है! मृत्यु के बाद का जीवन आनन्द एवं हर्षदायी होता है!

-आध्यात्मिक लेख  आत्मा अजर अमर है! मृत्यु के बाद का जीवन आनन्द एवं हर्षदायी होता है! (1) मृत्यु के बाद शरीर मिट्टी में तथा आत्मा ईश्वरीय लोक में चली जाती है :विश्व के सभी महान धर्म हिन्दू, बौद्ध, ईसाई, मुस्लिम, जैन, पारसी, सिख, बहाई हमें बताते हैं कि आत्मा और शरीर में एक अत्यन्त विशेष सम्बन्ध होता है इन दोनों के मिलने से ही मानव की संरचना होती है। आत्मा और शरीर का यह सम्बन्ध केवल एक नाशवान जीवन की अवधि तक ही सीमित रहता है। जब यह समाप्त हो जाता है तो दोनों अपने-अपने उद्गम स्थान को वापस चले जाते हैं, शरीर मिट्टी में मिल जाता है और आत्मा ईश्वर के आध्यात्मिक लोक में। आत्मा आध्यात्मिक लोक से निकली हुई, ईश्वर की छवि से सृजित होकर दिव्य गुणों और स्वर्गिक विशेषताओं को धारण करने की क्षमता लिए हुए शरीर से अलग होने के बाद शाश्वत रूप से प्रगति की ओर बढ़ती रहती है। (2) सृजनहार से पुनर्मिलन दुःख या डर का नहीं वरन् आनन्द के क्षण है : (2) सृजनहार से पुनर्मिलन दुःख या डर का नहीं वरन् आनन्द के क्षण है :हम आत्मा को एक पक्षी के रूप में तथा मानव शरीर को एक पिजड़े के समान मान सकते है। इस संसार में रहते हुए

लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन

लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन स्मारक कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव का किया ऐलान जानिए किन मांगों को लेकर चल रहा है प्रदर्शन लखनऊ 2 जनवरी 2024 लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन स्मारक कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार और कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव का भी है किया ऐलान इनकी मांगे इस प्रकार है पुनरीक्षित वेतनमान-5200 से 20200 ग्रेड पे- 1800 2- स्थायीकरण व पदोन्नति (ए.सी.पी. का लाभ), सा वेतन चिकित्सा अवकाश, मृत आश्रित परिवार को सेवा का लाभ।, सी.पी. एफ, खाता खोलना।,  दीपावली बोनस ।

आईसीएआई ने किया वूमेन्स डे का आयोजन

आईसीएआई ने किया वूमेन्स डे का आयोजन  लखनऊ। आईसीएआई ने आज गोमतीनगर स्थित आईसीएआई भवम में इन्टरनेशनल वूमेन्स डे का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन, मोटो साॅन्ग, राष्ट्रगान व सरस्वती वन्दना के साथ हुआ। शुभारम्भ के अवसर पर शाखा के सभापति सीए. सन्तोष मिश्रा ने सभी मेम्बर्स का स्वागत किया एवं प्रोग्राम की थीम ‘‘एक्सिलेन्स / 360 डिग्री’’ का विस्तृत वर्णन किया। नृत्य, गायन, नाटक मंचन, कविता एवं शायरी का प्रस्तुतीकरण सीए. इन्स्टीट्यूट की महिला मेम्बर्स द्वारा किया गया। इस अवसर पर के.जी.एम.यू की सायकाॅयट्रिक नर्सिंग डिपार्टमेन्ट की अधिकारी  देब्लीना राॅय ने ‘‘मेन्टल हेल्थ आफ वर्किंग वूमेन’’ के विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में लखनऊ शाखा के  उपसभापति एवं कोषाध्यक्ष सीए. अनुराग पाण्डेय, सचिव सीए. अन्शुल अग्रवाल, पूर्व सभापति सीए, आशीष कुमार पाठक एवं सीए. आर. एल. बाजपेई सहित शहर के लगभग 150 सीए सदस्यों ने भाग लिय।