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'विश्व का सबसे बड़ा स्कूल' होने का गौरव सी.एम.एस. को 


गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में 'विश्व का सबसे बड़ा स्फूल' होने का एक बार फिर से गौरव मिला सी.एम.एस.


गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में 'विश्व का सबसे बड़ा स्फूल' होने का एक बार फिर से गौरव मिला सी.एम.एस.


सावी न्यूज़ लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल (सी.एम.एस.), लखनऊ को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में छात्र संख्या के आधार पर एक बार फिर से 'विश्व के सबसे बड़े विद्यालय' का गौरव मिला है, जो न सिर्फ लखनऊ के लिए अपितु पूरे प्रदेश व देश के लिए गौरव का विषय है। उक्त जानकारी आज यहाँ आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद डा. जगदीश गाँधी ने पत्रकारों को दी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए डा. गाँधी ने इस उपलब्धि का सारा श्रेय विद्यालय की प्रधानाचार्याओं, शिक्षकों, अभिभावकों व छात्रों को देते हुए कहा कि सी.एम. एस. के कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों की बदौलत ही विद्यालय ने अपने 60 वर्षीय शैक्षिक सफर में अनेकों ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किए हैं और पूरे विश्व में लखनऊ का नाम रोशन किया है। डा. गाँधी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सी.एम.एस. को अभी तक अनेकों अवार्ड व पुरस्कार मिल चुके हैं परन्तु गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स की यह उपलब्धि हमें सदैव ही छात्रों को सर्वोत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर और उनका सर्वांगीण विकास कर विश्व नागरिक बनाने को प्रेरित करती है।


प्रेस कान्फ्रेन्स में बोलते हुए डा. गाँधी ने बताया कि वर्तमान शैक्षिक सत्र 2019-2020 में सी. एम.एस. के सभी 18 कैम्पसों में सर्वाधिक 55,547 ऑनरोल छात्रों की संख्या के आधार पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में स्थान मिला है। सी.एम.एस. को वर्ष 1999 में 22,612 छात्रों की रिकार्ड संख्या के आधार पर पहली बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्डस में 'विश्व के सबसे बड़े स्कूल' के रूप में दर्ज किया गया था और तब से लेकर अभी तक लगभग 20 वर्षों की अवधि में यह रिकार्ड सी.एम.एस. के नाम ही दर्ज हैडॉ. गाँधी ने सी.एम.एस. की इस उपलब्धि को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स के नवीनतम प्रिंट प्रकाशन में स्थान देने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स प्रबंधन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने लखनऊ के सभी सम्मानित अभिभावकों के प्रति भी अपना आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने सी.एम.एस. की शिक्षा पद्धति पर विश्वास करते हुए अधिक से अधिक बच्चों को सी.एम.एस. में शिक्षा ग्रहण के लिए भेजा।


डा. गाँधी ने आगे कहा कि 60 वर्ष पूर्व वर्ष 1959 में सी.एम.एस. की स्थापना 5 बच्चों व उधार के 300 रूपये के साथ हुई थी और तब से लेकर अभी तक सी.एम.एस. महात्मा गाँधी व विनोबा भावे के आदर्शों पर चलते हुए छात्रों को नवीनतम शिक्षा पद्धति के अनुसार उद्देश्यपूर्ण शिक्षा देकर उनका भौतिक, सामाजिक व नैतिक विकास कर रहा है, साथ ही साथ विश्व के ढाई अरब से अधिक बच्चों के सुरक्षित भविष्य हेतु विश्व एकता व विश्व शान्ति का बिगुल भी बजा रहा है। इसी कड़ी में सी.एम.एस. द्वारा विगत 19 वषों से लगातार 'विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन' आयोजित किया जा रहा है तथापि 20वाँ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन आगामी 8 नवम्बर से सी.एम. एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित किया जायेगा। इन अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में अभी तक विश्व के 133 देशों के 1222 मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश एवं राष्ट्राध्यक्ष आदि प्रतिभाग कर चुके हैं तथावि विश्व की न्यायिक बिरादरी ने सी.एम.एस. की विश्व एकता, विश्व शान्ति व विश्व के ढाई अरब बच्चों के सुरक्षित भविष्य की मुहिम को भारी समर्थन दिया है।


डा. गाँधी ने आगे कहा कि गनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में 'विश्व का सबसे बड़ा स्कूल' का गौरव प्राप्त करना निश्चित रूप से पूरे सी.एम.एस. परिवार के लिए और समस्त लखनऊवासियों के लिए प्रसन्नता का विषय है। यह उपलब्धि इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सी.एम.एस. विद्यालय केवल संख्या के आधार पर ही बड़ा नहीं है अपितु हमारी यह उपलब्धि छात्रों को बेहतर शिक्षा एवं सुविधायें देकर उनके अभिभावकों को संतुष्ट करने के हमारे प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। सी. एम.एस. लगातार शिक्षा पद्धति एवं पाठ्यक्रम में नवीनता अपनाकर एवं आधुनिकतम तकनीकों की सहायता से छात्रों को शान्तिपूर्ण वातावरण में सर्वश्रेष्ठ शिक्षा प्रदान कर उनकी प्रतिभा को निखारने एवं उन्हें आगे बढ़ने के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध करा रहा हैयही कारण है कि सी.एम.एस. आज देश के टॉप विद्यालयों में शामिल हैं और लखनऊ आज सारे देश में 'क्वालिटी एजूकेशन' का केन्द्र बन गया है


सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि सी.एम.एस. की सम्पूर्ण शिक्षा पद्धति का मूल यही है कि भावी पीढ़ी को सम्पूर्ण मानव जाति की सेवा के लिए तैयार किया जा सके और सी.एम.एस. शिक्षा के माध्यम से दुनियाँ भर की वर्तमान पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने तथा आगे जन्म लेने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रयासरत् हैं। सी.एम.एस. छात्रों को न सिर्फ किताबी ज्ञान प्रदान करता है अपितु उनमें जीवन मूल्यों, चारित्रिक गुणों, आध्यात्मिक व नैतिक आदर्शों की ऐसी आधारशिला रखता है जो जीवन पर्यन्त उनका मार्गदर्शन कर उन्हें 'समाज का प्रकाश' बनाती है। श्री शर्मा ने आगे कहा कि यह डा. जगदीश गाँधी व डा. (श्रीमती) भारती गाँधी के 60 वर्षों की त्याग, तपस्या व परिश्रम का परिणाम है कि सिटी मोन्टेसरी स्कूल ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया है।


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