Skip to main content

सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल लखनऊ के 31वें संस्थापक दिवस पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम

सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल लखनऊ के 31वें संस्थापक दिवस पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम  

लखनऊ, 08 दिसंबर, 2023 - सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल लखनऊ ने समग्र शिक्षा और सांस्कृतिक विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए  तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव मनाया। स्कूल के 31वें संस्थापक दिवस पर यह विशेष आयोजन किया गया। मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपनी उपस्थिति से इस अवसर की शोभा बढ़ाई और छात्रों को अपने ज्ञानवर्धक विचारों से प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक और पत्रकार श्री गुरचरण दासजी; श्रीमती अंजलि जयपुरिया, उपाध्यक्ष, इंटीग्रल एजुकेशन सोसाइटी; श्री कनक गुप्ता, निदेशक, सेठ एम. आर. जयपुरिया सोसाइटी और श्री उदय आर्य, सह-संस्थापक, ब्लू फाउंडर्स वेंचर्स जैसे गणमान्य लोग मौजूद थे।

उद्घाटन के बाद पूरे दिन कई कार्यक्रम हुए। इनमें एक मास्टरशेफ एक्टिविटी के तहत छात्रों और अभिभावकों ने बिना आग खाना पकाने की एक्टिविटी में भागीदारी की और फिर एआई और साइबर सुरक्षा पर एक ज्ञानवर्धक सत्र भी आयोजित किया गयाा। इस सत्र में छात्रों ने इंटरनेट पर सर्फिंग करते हुए सावधानी बरतने का महत्व और साइबर अपराधों से बचने के उपाय सीखे।

इसके अतिरिक्त स्कूल के मित्रा प्रांगण में 11वीं कक्षा के छात्रों ने सड़क सुरक्षा पर एक नुक्कड़ नाटक किया। माननीय अतिथि प्रत्येक क्लब देखने गए और साइंस मॉडलिंग क्लब (जूनियर और सीनियर), बायो क्लब और फिजिक्स क्लब के छात्रों के मॉडलों से काफी प्रभावित हुए। उद्घाटन के दिन पूरे स्कूल में कई संगीत कार्यक्रम भी हुए जैसे कि ऑर्केस्ट्रा, कवि सम्मेलन, गायन संगीत और रॉक बैंड आदि। इसके अलावा, छात्रों की गणित प्रश्नोत्तरी, स्क्रैबल, डंब चारेड्स जैसी कई रोमांचक गतिविधियां दिखीं।

श्रीमती प्रोमिनी चोपड़ा, प्रिंसिपल, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल ने कहा, ‘‘सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल लखनऊ के 31वें संस्थापक दिवस समारोह के माध्यम से हम ने समग्र शिक्षा और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शिक्षा देने की हमारी प्रतिबद्धता दिखाई है। तीन दिवसीय कार्यक्रम में हमारे छात्रों की बहुमुखी प्रतिभा और समर्पण की शानदार प्रस्तुति दिखी और यह तेजी से बदल रही दुनिया में निरंतर आगे बढ़ने के लिए बहुमुखी व्यक्तित्व विकास को लेकर हमारी सोच की प्रस्तुति है।

31वें संस्थापक दिवस के दूसरे दिन भी दीप प्रज्ज्वलन समारोह हुआ और सुख-समृद्धि दायक भगवान गणेश की प्रार्थना की गई। इसके बाद इंटीग्रल एजुकेशन सोसाइटी की उपाध्यक्ष श्रीमती अंजलि जयपुरिया ने अपने विचार रखे। शाम का रंगारंग कार्यक्रम देखते ही बनता था। स्कूल के छात्रों का 80-पीस ऑर्केस्ट्रा सभी के लिए रोमांचक अनुभव था। तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के छात्रों ने संस्कृत नाटक ‘बाल गणेश’ प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को अपनी अविश्वसनीय प्रतिभा से चकित कर दिया।

इस अवसर पर कई अन्य मनमोहक प्रस्तुतियां हुईं जैसे देशभक्ति से भरपूर ‘चंद्रयान का सफर’ और विचारोत्तेजक प्रस्तुति ‘यू आर स्पेशल’ जिसके तहत हमारी जीवन यात्रा को परिभाषित करने में दूसरों की राय का औचित्य जानने का गंभीर प्रयास दिखा। इसके अलावा, माइंड-स्पार्क छात्रों को मुख्य अतिथि श्री राज शेखर और स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती प्रोमिनी चोपड़ा ने पुरस्कृत भी किया। यह स्कूल के लिए गौरव की बात है।

इस दिन के खास आयोजनों में एक ‘वाह क्या अर्जुन का प्रश्न था’। उपाध्यक्ष श्रीमती अंजलि जयपुरिया की इस कविता प्रस्तुति के माध्यम से भगवद गीता में अर्जुन के प्रश्नों के लिए भगवान कृष्ण के उत्तरों को बारीकी से समझने का अभूतपूर्व प्रयास दिखता है। 

समापन के दिन छात्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। शिवन्या वर्धन (कक्षा 12ई) को ऑल-राउंडर ऑफ द ईयर पुरस्कार दिया गया। मिडिल स्कूल श्रेणी में कार्तिक अग्रवाल को शिक्षा, वाद-विवाद और रचनात्मक कलाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया।विभिन्न आयोजनों के बीच इस दिन एक दिलचस्प हिंदी नाटक ‘तलाश’ देखने को मिला, जिसके बाद ‘पर्यावरण के धर्मयोद्धा’ नामक आयोजन में कचरे के पुनः उपयोग पर मेवालालजी के साथ एक साक्षात्कार हुआ। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ नृत्य के माध्यम से छात्रों ने पर्यावरण के प्रति अपनी जागरूकता का परिचय दिया।

इसके अलावा स्कूल के वरिष्ठ छात्रों ने एक उत्कृष्ट अंग्रेजी नाटक में स्कूल का बुनियादी दर्शन प्रस्तुत किया। इस दिन का एक मुख्य आकर्षण शिव तांडव था, जिसमें भावमय तांडव से लेकर रौद्र तांडव तक तांडव के विभिन्न रूप देख सभी चकित रह गए। वाइस प्रिंसिपल श्री अनुपम विद्यार्थी ने धन्यवाद ज्ञापन कर समारोह का समापन किया।

Comments

Popular posts from this blog

आत्मा अजर अमर है! मृत्यु के बाद का जीवन आनन्द एवं हर्षदायी होता है!

-आध्यात्मिक लेख  आत्मा अजर अमर है! मृत्यु के बाद का जीवन आनन्द एवं हर्षदायी होता है! (1) मृत्यु के बाद शरीर मिट्टी में तथा आत्मा ईश्वरीय लोक में चली जाती है :विश्व के सभी महान धर्म हिन्दू, बौद्ध, ईसाई, मुस्लिम, जैन, पारसी, सिख, बहाई हमें बताते हैं कि आत्मा और शरीर में एक अत्यन्त विशेष सम्बन्ध होता है इन दोनों के मिलने से ही मानव की संरचना होती है। आत्मा और शरीर का यह सम्बन्ध केवल एक नाशवान जीवन की अवधि तक ही सीमित रहता है। जब यह समाप्त हो जाता है तो दोनों अपने-अपने उद्गम स्थान को वापस चले जाते हैं, शरीर मिट्टी में मिल जाता है और आत्मा ईश्वर के आध्यात्मिक लोक में। आत्मा आध्यात्मिक लोक से निकली हुई, ईश्वर की छवि से सृजित होकर दिव्य गुणों और स्वर्गिक विशेषताओं को धारण करने की क्षमता लिए हुए शरीर से अलग होने के बाद शाश्वत रूप से प्रगति की ओर बढ़ती रहती है। (2) सृजनहार से पुनर्मिलन दुःख या डर का नहीं वरन् आनन्द के क्षण है : (2) सृजनहार से पुनर्मिलन दुःख या डर का नहीं वरन् आनन्द के क्षण है :हम आत्मा को एक पक्षी के रूप में तथा मानव शरीर को एक पिजड़े के समान मान सकते है। इस संसार में रहते हुए

लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन

लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन स्मारक कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव का किया ऐलान जानिए किन मांगों को लेकर चल रहा है प्रदर्शन लखनऊ 2 जनवरी 2024 लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन स्मारक कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार और कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव का भी है किया ऐलान इनकी मांगे इस प्रकार है पुनरीक्षित वेतनमान-5200 से 20200 ग्रेड पे- 1800 2- स्थायीकरण व पदोन्नति (ए.सी.पी. का लाभ), सा वेतन चिकित्सा अवकाश, मृत आश्रित परिवार को सेवा का लाभ।, सी.पी. एफ, खाता खोलना।,  दीपावली बोनस ।

भगवान चित्रगुप्त व्रत कथा पुस्तक का भव्य विमोचन

भगवान चित्रगुप्त व्रत कथा पुस्तक का भव्य विमोचन लखनऊ, जुलाई 2023, अयोध्या के श्री धर्महरि चित्रगुप्त मंदिर में भगवान चित्रगुप्त व्रत कथा पुस्तक का भव्य विमोचन  किया गया। बलदाऊजी द्वारा संकलित तथा सावी पब्लिकेशन लखनऊ द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का विमोचन संत शिरोमणी श्री रमेश भाई शुक्ल द्वारा किया गया जिसमे आदरणीय वेद के शोधक श्री जगदानंद झा  जी भी उपस्थित रहै उन्होने चित्रगुप्त भगवान् पर व्यापक चर्चा की।  इस  अवसर पर कई संस्था प्रमुखो ने श्री बलदाऊ जी श्रीवास्तव को शाल पहना कर सम्मानित किया जिसमे जेo बीo चित्रगुप्त मंदिर ट्रस्ट,  के अध्यक्ष श्री दीपक कुमार श्रीवास्तव, महामंत्री अमित श्रीवास्तव कोषाध्यक्ष अनूप श्रीवास्तव ,कयस्थ संध अन्तर्राष्ट्रीय के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश खरे, अ.भा.का.म के प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश कुमार जी एवं चित्रांश महासभा के कार्वाहक अध्यक्ष श्री संजीव वर्मा जी के अतिरिक्त अयोध्या नगर के कई सभासद भी सम्मान मे उपस्थित रहे।  कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव जी ने की एवं समापन महिला अध्यक्ष श्री मती प्रमिला श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम