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लड़कियों के सशक्तीकरण और समावेशन के लिए एजुकेशन फॉर ऑल पहल की घोषणा

लड़कियों के सशक्तीकरण और समावेशन के लिए एजुकेशन फॉर ऑल पहल की घोषणा

  • आकाश बायजूस ने आजादी का अमृत महोत्सव के मौके पर शुरू की पहल

लखनऊ। भारत सरकार की ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ पहल के मौके पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले अग्रणी संस्थान आकाश बायजूस ने ‘एजुकेशन फॉर ऑल’के माध्यम से उच्च शिक्षा के लिए निजी कोचिंग में छात्राओं के सशक्तीकरण एवं समावेशन के लिए बड़ी पहल का किया है। इसके तहत वंचित परिवारों के 7वीं से 12वीं कक्षा के करीब 2000 छात्रों, विशेषरूप से लड़कियों को नीट एवं जेईई की निशुल्क कोचिंग एवं स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। देश के 45 शहरों में एक साथ इस पहल की शुरुआत की गयी। दिल्ली में मुख्य कार्यक्रम में आकाश बायजूस के चेयरमैन जे. सी. चौधरी, मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश चौधरी और सीईओ अभिषेक माहेश्वरी व कंपनी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसी के साथ लखनऊ में हुये कार्यक्रम में डा. एच.आर. राव, रीजनल डायरेक्टर, मुसाफिर प्रसाद, असिस्टेंट डायरेक्टर एवं षैलेश राठौर कलस्टर बिजनेस हेड प्रमुख लोग मौजूद थे। इस प्रोजेक्ट के तहत चयनित छात्र आकाश बायजूस के नेशनल टैलेंट हंट एक्जाम दृ 2022 (एएनटीएचई 2022) में हिस्सा लेंगे। यह संस्थान की फ्लैगशिप स्कॉलरशिप परीक्षा है, जो देशभर में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से 5 से 13 नवंबर तक आयोजित की जाएगी। टॉप 2,000 छात्रों को नीट एवं आईआईटी-जेईई के लिए सर्वाधिक लोकप्रिय कोचिंग प्रोग्राम में शुमार आकाश बायजूस की निशुल्क कोचिंग का मौका मिलेगा। लाभार्थी छात्रों की पहचान के लिए आकाश कुछ चुनिंदा एनजीओ के साथ साझेदारी करेगा, जो आर्थिक रूप से कमजोर तबके के छात्रों, परिवार में इकलौती लड़की और सिंगल पैरेंट (मां) वाले बच्चों को नॉमिनेट करेंगे। पूरे भारत में आकाश बायजूस के करीब 285 से ज्यादा सेंटर हैं और यह देश के किसी कोचिंग इंस्टीट्यूट की सर्वाधिक शाखाएं हैं। हर सेंटर पर औसतन 9 क्लासेज होती हैं। एजुकेशन फॉर ऑल’पहल को लेकर आकाश बायजूस के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश चौधरी ने कहा,‘इस इंडस्ट्री में इतने समय से कार्य करते हुए हमने अनुभव किया कि हमारे देश में लगातार मेडिकल एवं इंजीनियरिंग को लेकर महत्वाकांक्षा बढ़ रही है। हमारे युवा इन दोनों क्षेत्रों में स्वयं के विकास एवं सामाजिक योगदान को लेकर मौजूद संभावनाओं और अवसरों को समझ रहे हैं। हालांकि ऐसे लाखों छात्र हैं जिनके लिए निजी कोचिंग संस्थानों में जाना संभव नहीं होता है, जबकि ऐसी कोचिंग प्रवेश परीक्षा पास करने की उनकी संभावना को बढ़ा सकती है। लड़कियों के मामले में मुश्किल और भी बढ़ जाती है, क्योंकि बहुत से परिवार लड़कियों की शिक्षा पर बहुत ज्यादा खर्च नहीं करना चाहते हैं। इस कारण से वंचित समुदाय के छात्रों, विशेषरूप से लड़कियों के लिए मौके और भी कम हो जाते है। एएनटीएचई एक घंटे की परीक्षा है। एएनटीएचई ऑनलाइन का आयोजन परीक्षा के सभी दिनों में आकाश बायजूस के सभी 285 से ज्यादा सेंटर में सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक होगा और ऑफलाइन परीक्षा 6 और 13 नवंबर को दो शिफ्ट में सुबह 10ः30 से 11ः30 और शाम 4ः00 से 5ः00 बजे होगी। छात्र अपने हिसाब से कोई स्लॉट चुन सकते हैं। एएनटीएचई में कुल 90 अंक होते हैं। इसमें 35 मल्टीपल चॉइस प्रश्न होते हैं, जो छात्र की कक्षा एवं स्ट्रीम के हिसाब से होते हैं। सातवीं से नौवीं कक्षा के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, मैथ और मेंटल एबिलिटी के प्रश्न होते हैं। कक्षा 10 के छात्रों के लिए मेडिकल की तैयारी करने वालों की परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी एवं मेंटल एबिलिटी के प्रश्न होते हैं, जबकि इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ और मेंटल एबिलिटी के प्रश्न होते हैं। नीट की तैयारी कर रहे 11वीं एवं 12वीं के छात्रों की परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बोटनी और जूलोजी के प्रश्न आते हैंतथा इंजीनियरिंग के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्रीऔर मैथ के प्रश्न आते हैं।

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