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सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा ने उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक के नवनिर्मित साइबर सिक्योरिटी सेन्टर का किया निरीक्षण

सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा ने उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक के नवनिर्मित साइबर सिक्योरिटी सेन्टर का किया निरीक्षण

  • बैंक का कुल व्यवसाय रू0 17032.28 करोड़ रूपये तथा बैंक का शुद्ध लाभ रू0 45.47 करोड़ रूपये हुआ

लखनऊ: 05 जून, 2021, प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा द्वारा आज उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक के नवनिर्मित साइबर सिक्योरिटी सेन्टर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बैंक द्वारा मंत्री जी को बताया गया कि देश के राज्य सहकारी बैंकों में गुजरात के बाद उत्तर प्रदेश ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहाॅ पर उच्च तकनीक के साथ साइबर सिक्योरिटी सेन्टर बनाया गया है। इसके माध्यम से सहकारिता के त्रिस्तरीय सहकारी साख ढाॅचें के अन्तर्गत शीर्ष बैंक, जिला सहकारी बैंक एवं सीबीएस पैटर्न पर चल रही सहकारी समितियाॅ में होने वाले आॅन लाइन फ्राड, साइबर फ्राड को रोका जा सकेगा, जिससे बैंक के साथ-साथ ग्राहकों के हितों की सुरक्षा होगी। मंत्री जी के साथ बैंक के प्रबन्ध निदेशक श्री भूपेन्द्र कुमार, महाप्रबन्धक(प्रशासन) श्री रवीन्द्र सिंह सेंगर तथा बैंक के महाप्रबन्धक एवं उपमहाप्रबन्धक भी उपस्थित रहे। मंत्री जी द्वारा बैंक के साइबर सिक्योरिटी कक्ष के कार्यों की सराहना की गयी तथा यह अपेक्षा की गयी कि इसके माध्यम से सहकारिता क्षेत्र के सभी बैंकों/समितियों के डिजिटल लेनदेन की निगरानी रखी जाये।

सहकारिता मंत्री द्वारा निरीक्षण के उपरान्त बैंक के वी0सी0 सभागार में उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गयी, जिसमें अवगत कराया गया कि दिनाॅक 31.03..2021 को बैंक का कुल व्यवसाय रू0 17032.28 करोड़ हो गया है तथा बैंक का शुद्ध लाभ रू0 45.47 करोड़ हो गया है, जो सर्वाधिक है। सहकारी क्षेत्र में बैंक के कार्य व्यवसाय से संतुष्ट होकर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैंक को राज्य में 13 और शाखायें खोलने के लिए अनुमति प्रदान कर दी गयी है, जिसके लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। मा0 मंत्री जी को यह भी अवगत कराया गया कि वर्ष 2020-21 में अल्पकालीन फसली ऋण वितरण के अन्तर्गत रू0 7085.00 करोड़ का ऋण जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से वितरित किया गया है, जिसक लिए इस वर्ष शीर्ष बैंक द्वारा जिला सहकारी बैंकों को फसली ऋण वितरण हेतु रू0 5931.51 करोड़ की ऋण सीमायें स्वीकृत करते हुए रू0 3857.48 करोड़ कर पुनर्वित्त उपलब्ध कराया गया है तथा नाबार्ड से रू0 3114.60 करोड़ का पुनर्वित्त प्राप्त किया गया, जो विगत 05 वर्षों में सर्वोच्च रहा। इस वर्ष गन्ना किसानों को पैक्स के माध्यम से भी ऋण वितरण दिये जाने की नयी योजना प्रारम्भ की गयी, जिससे आगामी वर्षों में फसली ऋण वितरण में पर्याप्त वृद्धि होगी।

सहकारिता मंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि पेराई सत्र 2020-21 हेतु सहकारी क्षेत्र की 17 एवं निजी क्षेत्र की 06 चीनी मिलों को कुल रू0 2284.78 करोड़ की ऋण सीमायें स्वीकृत करते हुए दिनांक 31.05.2021 तक कुल रू0 1259.22 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करायी गयी है तथा शीर्ष बैंक स्तर पर जिला सहकारी बैंकों का कंसोर्टियम गठित करते हुए रू0 930.00 करोड़ की ऋण सीमायें स्वीकृत कर दिनांक 31.05.2021 तक चीनी मिलों को रू0 323.42 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करायी गयी है तथा 16 कमजोर जिला सहकारी बैंकों की धनराशि रू0 127.00 करोड़ का चीनी मिलों मे विनियोजन किया गया है।

अन्त में मा0 मंत्री जी द्वारा बैंक के उच्चाधिकारियों से सहकारी बैंकिंग के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अधिक से अधिक कार्य करने की अपेक्षा की गयी। बैंक के महाप्रबन्धक(प्रशासन) द्वारा मा0 मंत्री जी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया गया।

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