Skip to main content

राय उमानाथ बली प्रेेक्षागृह कैसरबाग लखनऊ के जीर्णीदार एवं नवीनीकरण के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी

राय उमानाथ बली प्रेेक्षागृह कैसरबाग लखनऊ के जीर्णीदार एवं नवीनीकरण के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी


लखनऊः  उ0प्र0 सरकार ने राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह कैसरबाग लखनऊ के नवीनीकरण एवं जीर्णोद्धार आदि कार्यो के लिए में रूपये 381.60 लाख की प्रशासकीय एवं रू0 एक करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।


यह जानकारी विशेष सचिव संस्कृति श्री शिशिर ने दी है। उन्होंने बताया कि कार्यदायी संस्था को निर्देेशित किया गया है कि नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ करायें। प्रयोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों का आवश्यकतानुरूप कार्यदायी संस्था तथा निदेशक संस्कृति निदेशालय द्वारा स्थानीय विकास प्राधिकरण/सक्षम लोकल अथाॅरिटी से स्वीकृत करा लिया जायें। उन्होंने बताया कि स्वीकृत धनराशि के समबंध में वित्त विभाग के मितव्ययिता सम्बंधी आदेशों तथा व्यय पर नियंत्रण के सम्बंध में निर्गत शासनादेशों का अनुपालन भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। विशेष सचिव ने बताया कि प्रस्तावित करने का निर्देश निर्माण कार्यो को निदेशक संस्कृति निदेशालय के निर्देशन व उनके परामर्श से सम्पादित किया जायें। 


Comments

Popular posts from this blog

आत्मा अजर अमर है! मृत्यु के बाद का जीवन आनन्द एवं हर्षदायी होता है!

-आध्यात्मिक लेख  आत्मा अजर अमर है! मृत्यु के बाद का जीवन आनन्द एवं हर्षदायी होता है! (1) मृत्यु के बाद शरीर मिट्टी में तथा आत्मा ईश्वरीय लोक में चली जाती है :विश्व के सभी महान धर्म हिन्दू, बौद्ध, ईसाई, मुस्लिम, जैन, पारसी, सिख, बहाई हमें बताते हैं कि आत्मा और शरीर में एक अत्यन्त विशेष सम्बन्ध होता है इन दोनों के मिलने से ही मानव की संरचना होती है। आत्मा और शरीर का यह सम्बन्ध केवल एक नाशवान जीवन की अवधि तक ही सीमित रहता है। जब यह समाप्त हो जाता है तो दोनों अपने-अपने उद्गम स्थान को वापस चले जाते हैं, शरीर मिट्टी में मिल जाता है और आत्मा ईश्वर के आध्यात्मिक लोक में। आत्मा आध्यात्मिक लोक से निकली हुई, ईश्वर की छवि से सृजित होकर दिव्य गुणों और स्वर्गिक विशेषताओं को धारण करने की क्षमता लिए हुए शरीर से अलग होने के बाद शाश्वत रूप से प्रगति की ओर बढ़ती रहती है। (2) सृजनहार से पुनर्मिलन दुःख या डर का नहीं वरन् आनन्द के क्षण है : (2) सृजनहार से पुनर्मिलन दुःख या डर का नहीं वरन् आनन्द के क्षण है :हम आत्मा को एक पक्षी के रूप में तथा मानव शरीर को एक पिजड़े के समान मान सकते है। इस संसार में रहते हुए

लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन

लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन स्मारक कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव का किया ऐलान जानिए किन मांगों को लेकर चल रहा है प्रदर्शन लखनऊ 2 जनवरी 2024 लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन स्मारक कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार और कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव का भी है किया ऐलान इनकी मांगे इस प्रकार है पुनरीक्षित वेतनमान-5200 से 20200 ग्रेड पे- 1800 2- स्थायीकरण व पदोन्नति (ए.सी.पी. का लाभ), सा वेतन चिकित्सा अवकाश, मृत आश्रित परिवार को सेवा का लाभ।, सी.पी. एफ, खाता खोलना।,  दीपावली बोनस ।

आईसीएआई ने किया वूमेन्स डे का आयोजन

आईसीएआई ने किया वूमेन्स डे का आयोजन  लखनऊ। आईसीएआई ने आज गोमतीनगर स्थित आईसीएआई भवम में इन्टरनेशनल वूमेन्स डे का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन, मोटो साॅन्ग, राष्ट्रगान व सरस्वती वन्दना के साथ हुआ। शुभारम्भ के अवसर पर शाखा के सभापति सीए. सन्तोष मिश्रा ने सभी मेम्बर्स का स्वागत किया एवं प्रोग्राम की थीम ‘‘एक्सिलेन्स / 360 डिग्री’’ का विस्तृत वर्णन किया। नृत्य, गायन, नाटक मंचन, कविता एवं शायरी का प्रस्तुतीकरण सीए. इन्स्टीट्यूट की महिला मेम्बर्स द्वारा किया गया। इस अवसर पर के.जी.एम.यू की सायकाॅयट्रिक नर्सिंग डिपार्टमेन्ट की अधिकारी  देब्लीना राॅय ने ‘‘मेन्टल हेल्थ आफ वर्किंग वूमेन’’ के विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में लखनऊ शाखा के  उपसभापति एवं कोषाध्यक्ष सीए. अनुराग पाण्डेय, सचिव सीए. अन्शुल अग्रवाल, पूर्व सभापति सीए, आशीष कुमार पाठक एवं सीए. आर. एल. बाजपेई सहित शहर के लगभग 150 सीए सदस्यों ने भाग लिय।