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एक महानायक-डाॅ. बी. आर. अम्बेडकर’ शो में बाबासाहब के जीवन के अनछुये पहलू


एक महानायक-डाॅ. बी. आर. अम्बेडकर' शो में बाबासाहब के जीवन के अनछुये पहलू


शो में बाबासाहब की पाँच वर्ष की छोटी आयु से लेकर भारतीय संविधान का प्रधान शिल्पकार बनने तक की यात्रा की प्रेरक कथा


लखनऊ, 5 दिसंबर। एंड टीवी के आगामी चर्चित शो 'एक महानायक - डाॅ. बी. आर. आम्बेडकर' में बाबासाहब के जीवन के अनछुये पहलुओं के दर्शन होंगे। आज शो का प्रमोशन करने के लिये नवाबों के शहर आये डाॅ. अम्बेडकर की भूमिका निभा रहे अभिनेता प्रसाद जवादे और प्रसिद्ध इतिहासकार व डाॅ. आम्बेडकर पर शोध करने वाले प्रोफेसर हरि नरके ने पत्रकारों के साथ बातचीत में यह जानकारी दी।


डाॅ. आम्बेडकर की भूमिका निभाने के बारे में अभिनेता प्रसाद जवादे ने कहा, ''डाॅ. बी. आर. आम्बेडकर जैसे अद्वितीय नेता की भूमिका निभाने का अवसर मिलने से मैं अत्यंत विनम्र और गर्वान्वित अनुभव कर रहा हूँ। जब मुझे इस भूमिका का आॅफर मिला, तो मैंने तुरंत हाँ कर दी। ऐसी भूमिका मिलना अत्यंत दुर्लभ है। डाॅ. बी. आर. आम्बेडकर जैसे महान व्यक्तित्व की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण और रोमांचक है। उनके किरदार से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। अपने अभिनय द्वारा उनके मूल्यवान विचारों को दर्शकों तक पहुँचाने का माध्यम बनना जीवन में एक ही बार मिलने वाला अवसर है। डा अम्बेडकर का किरदार निभाने का मौका मिलना ईश्वर का एक उपहार है और मैं इस किरदार के न्याय करने का  भरसक प्रयास करुंगा।'' 'एक महानायक - डाॅ. बी. आर. आम्बेडकर' शो 17 दिसंबर से सोमवार से शुक्रवार रात 8ः30 बजे एंड टीवी पर प्रसारित होगा।


प्रसिद्ध इतिहासकार और डाॅ. आम्बेडकर पर शोध करने वाले प्रोफेसर हरि नरके ने कहा कि डा बीआर अम्बेडकर पर लिखी गई 22 किताबांे का शोध करने के बाद 'एक महानायक - डाॅ. बी. आर. आम्बेडकर' शो का निर्माण किया गया है। भारतीय संविधान के शिल्पकार डाॅ. बी. आर. आम्बेडकर को लोकप्रिय आधार पर 'बाबासाहब' के नाम से जाना जाता है, वे एक महान समाज सुधारक, शिक्षाविद और नेता थे। जन्म से लेकर अंतिम सांस तक डाॅ. बी. आर. आम्बेडकर का जीवन एक प्रेरक कथा है। 'एक महानायक - डाॅ. बी. आर. आम्बेडकर' शो बाबासाहब की जीवनगाथा से यह बताने में सफल होगा कि, एक व्यक्ति अपने स्पष्ट और विकसित दृष्टिकोण, अदम्य दृढ़ता और लगन से क्या अर्जित कर सकता है। भारतीय टेलीविजन पर ऐसे महान और असली संघर्ष की कहानी पहले कभी नहीं देखी गई है। यह शो बाबासाहब और उनकी पाँच वर्ष की छोटी आयु से आरंभ और भारतीय संविधान का प्रधान शिल्पकार बनने तक की उनकी यात्रा की प्रेरक कथा है।''


एक महानायक - डाॅ. बी. आर. आम्बेडकर में प्रसाद जवादे मुख्य भूमिका में होंगे, आयुध भानुशाली उनके बचपन की भूमिका निभायेंगे, जग्गू निवंगुणे उनके पिता की भूमिका में होंगे, नेहा जोशी उनकी माँ, साउद मंसूरी उनके बड़े भाई, अथर खान उनके छोटे भाई, तुलसा और वंशिका यादव उनकी बहनों की भूमिका में नजर आयेंगे।


नवाबों के शहर लखनऊ में आने के बारे में अभिनेता प्रसाद ने कहा, ''यह शहर मुझे आकर्षित करने में कभी विफल नहीं होता है। मैं जब भी यहाँ आता हूँ, इसे पिछली यात्रा से अधिक संुदर पाता हूँ। यहाँ का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व एक तरह की शांति देता है और यहाँ के स्वर्णिम अतीत को बयां करता है।'' प्रोफेसर हरि नरके ने कहा, ''लखनऊ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर प्रत्येक पर्यटक को प्रभावित करती है। मैं जब भी यहाँ होता हूँ, इसे पिछले दौरे से ज्यादा सुंदर पाता हूँ। यहाँ का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व एक तरह की शांति देता है और यहाँ के स्वर्णिम अतीत को बयां करता है।


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